2024|10th International Yoga Day | अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024

इस लेख में हम अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के विषय में बहुत कुछ जानेंगे |अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस  कब मनाया जाता है,इसका महत्व एवं बहुत कुछ जो आप जानना पसंद करेगें | 

Table of contents:

  1. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 
  2. २१ जून ही क्यू ? 
  3.  पहला अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस कब मनाया गया ? 
  4. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का नोडल मंत्रालय कौन है ? 
  5. अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के कारण ? 
    1.  योग से धर्म या संप्रदाय का रिश्ता ?
    2. योग के फायदे 
  6. अस्वीकरण:  

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 

भारत के प्रधान मंत्री ,माननीय नरेंदर मोदी जी  ने २७ सितम्बर २०१४ को संयुक्त राष्ट्रसंघ के अपने सम्बोधन में २१ जून को योग दिवस मनाने का सुझाब दिया | 

२१ जून ही क्यू ? 

हिन्दू पौराणिक मान्यतों के अनुसार ‘आदि योगी’ भगवान शिव ने इस दिन योग के सिख अपने भक्तों को दिया ,जिस के कारण  भगवान शिव को आदि गुरु भी कहा जाता है |  

आप सोचेंगे २१ जून को ही क्यू योग दिवस मनाने का सुझाब दिया गया|तो मै आपको बताना चाहुँगा के इसके पीछे कारण है | पहला तो यह के २१ जून उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लम्बा दिन होता है | इस दिन सूर्योदय और दिनों के  तुलना में पहले होता है ,और सूर्यास्त बाद में होता है|(२१ जून दक्छिन गोलार्द्ध में सबसे छोटा  दिन होता है |)   विश्व के कई भाग में इस दिन का खास महत्ब है | 

The Author Practicing Yoga

११ दिसंबर २०१४ को संयुक्त राष्ट्रसंघ में भारत के राजदूत श्री अशोक कुमार मुखर्जी ने संयुक्त राष्ट्रसंघ के आम सभा में एक एक प्रारुप पेश किया,जिसको १७७ देशों के प्रतिनिधियों ने प्रायोजित केर दिया | एवं विश्व के लगभग सभी माननीय नेताओं ने इसका समर्थन किया | 

माननीय नरेंदर मोदी जी के प्रस्ताव पर गहराई से विचार विमर्श के बाद २०१४ में ही संयुक्त राष्ट्रसंघ (यूनाइटेड  नेशन)ने एक ‘डे ऑफ़ योगा ‘ के नाम से एक प्रारुप तैयार कर ,भारत के प्रतिनिधि को सौंप दिया | 

संयुक्त राष्ट्रसंघ ने २०१५ से हर वर्ष २१ जून को  पुरे संसार में ‘अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस’ मनाने का आदेश पारित कर  दिया | इसके बाद से हर वर्ष २१ जून को  पुरे संसार में ‘अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस’ मनाया जाता है |

 पहला अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस कब मनाया गया ? 

वर्ष २०१५ के २१ जून को  पुरे संसार में पहला ‘अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस’ पुरे उत्साह एवं उमंग के साथ मनाया गया | अंतर्राष्ट्रीय  योग दिवस पे हर साल एक थीम, नारा देता है |वर्ष २०१५ का पहला थीम ‘सद्भाव एवं शांति के लिए योगा’ था | 

आयुष मंत्रालय हर वर्ष अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस पर एक थीम, नारा देता है | 

वर्ष २०२४  का थीम है – ‘महिला सशक्तिकरण  के लिए  योग’  

वर्ष २०२३  का थीम है -‘वसुधैव कुटुम्बकम के लिए योग’,एक विश्व एक स्वास्थय|   

वर्ष २०२२  का थीम  था-‘मानवता के लिए योग’ 

वर्ष २०२१  का थीम  था- ‘स्वास्थय के लिए योग’ 

वर्ष २०२० का थीम  था -‘घर में रहकर योग करें ‘

वर्ष २०१५ में अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को महिमा मंडित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक ने ‘अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस’ लिखा हुआ एक दस रुपये का एक सिक्का जारी किया | 

वर्ष २०१७  में संयुक्त राष्ट्रसंघ  के पोस्टल विभाग ने योग के दस आसनों को एक पृष्ठ पर छाप कर अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को रेखांकित किया | (७ )

वर्ष २०१५ के २१ जून को भारतवर्ष में दिल्ली के राजपथ पर ३५९८५ लोगों के साथ माननीय नरेंदर मोदी जी एवं ८४ देशों के प्रतिनिधियों ने लगभग ३५ मिनटों के लिए योगाभ्यास किया ,जिसमे २१ आसनो को किया गया| इसके अलावा कई गावों ,कस्बों एवं शहरो में करोड़ों लोगों ने मनाया| इस के बाद से हर साल योगा में लोगों की संख्या बढ़ते जा रहें है |

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का नोडल मंत्रालय कौन है ? 

भारत में आयुष मंत्रालय अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस मनाने का नोडल मंत्रालय है | 

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस को मनाने के कारण ? 

 अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस से योग के प्रचार एवं प्रसार बहुत जोर शोर से हुआ| इसके पहले योगाभ्यास होता था ,परन्तु इतना प्रसारित नही था |पहले कंही कंही  लोग योगाभ्यास करते थे| 

योग  भी  अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के कारण योग को कई देशों ,एवं नेताओं का समर्थन मिला ,जिसके कारण योग तेजी से बढ़ा है | श्री अरविंदो ,स्वामी विवेकानंद एवं अन्य बड़े धर्मगुरुओं ने योग को जीवन की शैली बताया है | २०१५ में पोप फ्रांसिस ने अपने प्रवचन में योग को ईश्वर प्राप्ति का रास्ता बताया|

दुनिया भर में कार्यक्रमों का आयोजन करके योग लोगों को जागरुक किया जाता है ,और इसके फायदे से सब को अवगत किया जाता है | | 

 योग से धर्म या संप्रदाय का रिश्ता ?

योग किसी धर्म या संप्रदाय का प्रचार एवं प्रसार नहीं करता है ,न ही किसी के विरुद्ध है,यह जीवन को ,मानव को उन्नति के शिखर पर ले जाने का मार्ग है ,एक प्रयास है | योग से जिन्दगी आनंद से जीने लायक हो जाता है  

योग के फायदे 

योग और ध्यान एक विषय के रुप में स्थापित हो चूका है| योग पर शोध हो रहा है| चिकत्सा विज्ञानं में  योग एक विषय है | 

योग सिर्फ शारीरिक व्यायाम नही है ,इसके साथ ही इसमें मानसिक एवं अध्यात्मिक पहलु भी है | कोविड -१९ के वक्त योग ने बहुत लोगों की जान बचाए,इसके साथ ही अवसाद  (depression)से बहुत लोगों को बचाया है |

हर दिन नियमत रुप  से  नियमत जगह पर नियमत समय तक योग करें,इससे आप  निरोग रहेंगे|योग आपको ऊर्जावान ,तंदरुस्त रखता है|  आप मानसिक शांति, भावनात्मक शांति को अनुभव करेंगे|  

पार्क में ,या किसी खुले जगह या घर के एक जगह पर योग कर  सकते है| 

अगर आप पहले से योग करते है,तो इसे नियमित रुप से करें और दूसरों को भी योग करने के लिए प्रोत्साहित करें|

अगर आप पहले से योग नहीं करते है,तो इसे नियमित रुप से योगाभ्यास करना आज से ही प्रारंभ करें | और इस वर्ष १० वा योग दिवस है,इसके लिए आप तैयारी कर ले | 

                                    आलेख पढ़ने के लिए धन्यवाद | 

आंतरिक स्रोत: https://knowledge-festival.blogspot.com/2023/06/world-environment-day.html  

https://knowledge-festival.blogspot.com/2023/06/2023international-yoga-day-2023.html

बाह्य स्त्रोत :

1.      UN Declared June 21 as International Day of Yoga Archived July 9 2016, at the Wayback Machine

2.      ^ “Yoga: Its Origin, History, and Development.” www.mea.gov.in. Retrieved June 20, 2018.

3.      ^ Jump up to a b “UN declares June 21 as ‘International Day of Yoga'”The Times of India. December 11, 2014.

4.      ^ “International Yoga Day 2021: Theme, History, Quotes, Benefits, Importance”. S A NEWS. June 19, 2020. Retrieved June 21, 2021.

5.      ^ “UN General Assembly to hold informal consultations on International Day of Yoga.” The Economic Times. October 10, 2014. Retrieved June 13, 2016.

6.      ^ 10 rupees coin of 2015 – International Day of Yoga, https://www.youtube.com/watch?v=L4oay3-JcU8&t=2s

7.      ^ “UN to issue 10 stamps of ‘asanas’ on International Yoga Day”. Business Standard India. April 19, 2017. 

अस्वीकरण:  

इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार विभिन्न लेखों]संचार माध्यमों से लिए गए है और सभी सूचनाएँ मूल रुप से प्रस्तुत की गईं हैSaA व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार नहीं हैं तथा इसके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है|

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