प्रस्तावना : आज के व्यस्त जीवन में हम लोग अपने व्रत त्यौहार को लगभग भुला गए हैं | यह लेख खास कर युवा में अपने व्रत त्यौहार के प्रति जागरूकता लाने के लिये है | इस आलेख को पढ़ने के बाद अपने त्यौहार , महापुरूषो के प्रति जानकारी प्राप्त करने का रुचि विकसित होगा | इस लेख का यही उद्देश है इस लेख में हम चैती छठ के विषय में बहुत कुछ जानेंगे | चैती छठ कँहा कँहा होता है इसका महत्व एवं बहुत कुछ |
Table of contents:
चैती छठ कब से कब तक मनाया जायेगा ?
12 अप्रैल २०२4 से चैती छठ शुरु होगा एवं चार दिनों तक धूम धाम से मनाने के बाद १५ अप्रैल को समाप्त होगा | 12 अप्रैल २०२4 से नहाई खाय के साथ छठ व्रत शुरु हो जाता है | आज नहाई खाय में कदु दाल और भात को शुद्ध रूप से बनाया जाता है और नहाने के बाद शांत शुद्ध मन से प्राप्त -खाया जाता है | खाद्य पदार्थ अलग अलग जगहों पे अलग अलग ढंग से बनाए जाते है |
चैती छठ किस तरह किया जाता है ?
12 अप्रैल २०२4 से नहाई खाय के साथ छठ व्रत शुरु हो जाता है | आज नहाई खाय में कदु दाल और भात को शुद्ध रूप से बनाया जाता है और नहाने के बाद शांत शुद्ध मन से प्राप्त -खाया जाता है | खाद्य पदार्थ अलग अलग जगहों पे अलग अलग ढंग से बनाए जाते है |
दूसरे दिन खरना होता है ,जिसमे व्रती दिन में उपवास रख कर शाम को सूर्य भगवान को प्रणाम और पूजा कर अन्न ग्रहण करते है | और उसके बाद रात में कुछ व्रती सरगही करते हैं ,जबकी कुछ व्रती उसी वक्त से उपवास करते है | पूजा के तीसरे दिन शाम को अस्तगामी सूर्य भगवान को अर्घ दिया जाता है |चौथे दिन उदयमान सूर्य भगवान को अर्घ दिया जाता है और व्रत का समापन हो जाता है |
साधारणतः अर्घ स्थानीय पवित्र नदियों पोखरों में अर्पण किया जाता है | जिसके कारण नदियों पोखरों पे बहुत भीड़ जमा हो जाती है ,इससे व्यवस्था में दिक्त होती है ,और हादसा होने का डर रहता है | जिससे लोग घर के छत पे या हाता में अर्घ अर्पण करतें है |

उदयमान सूर्य भगवान को अर्घ
छठ का महापर्व साल में दो बार मनाया जाता है | एक कार्तिक छठ है और दूसरा चैती छठ है | दोनों छठ चार दिनों का होता है |कार्तिक छठ पूजा का विशेष महत्ब है |
चैती छठ का महा पर्व
नवरात्रि के समय ही चार दिवसीय सूर्योपासना चैती छठ का महा पर्व १२ अप्रैल से प्रारंभ हो कर १५ अप्रैल के सुबह तक मनाया जायेगा | चैती छठ १२ अप्रैल से नहाय खाय से प्रारंभ होगा ,१३ अप्रैल को खरने पूजन ,१४ को संध्या अर्घ एवं १५ को सुबह के अर्घ के साथ समाप्त होगा | भारतवर्ष में कई तरह के त्योहार मनाए जाते हैं, चैत्र नवरात्रि एवं चैती छठ का त्योहार उनमें बहुत ही महत्वपूर्ण त्योहार माना जाता है |
चैती छठ कँहा मनाया जाता है?
यह पूरे भारत देश में एवं साथ साथ विदेशों में रहने वाले भारतीयों के द्वारा मनाया जाता है | चैती छठ ,चैती नवरात्रि के चौथे दिन शुरु होता है चार दिनों तक मनाया जाता है और चैती नवरात्रि के आठवें दिन पूरा होता है | चैती छठ बिहार,झारखंड उत्तर प्रदेश और देश के कई भागों में धूम धाम से मनाया जाता है |
चैती छठ का महत्ब |
छठ पर्व में सूर्य भगवान एवं छठ मैया की पूजा होती है | छठ पर्व हिन्दुओ का महापर्व है | परन्तु सभी धर्म के लोग बढ़ चढ़ कर हिसा लेते है | इस पर्व में जनमानष स्वतः घर से लेकर घाट तक सफाई करते है ,और पुरा शहर ,कस्वा,गांव साफ हो जाता है | अपने सर पर प्रसाद लेकर घाट तक जाते हैं | इस पर्व में सब बरावर हो जाते हैं | आस्था का सबसे बड़ा पर्व है |

पूजा आस्था का सबसे बड़ा पर्व
मान्यता एवं आस्था का सबसे बड़ा पर्व
मान्यता है की छठ मैया सूर्य भगवान के बहन हैं और जो लोग छठ पर्व सच्चे मन से, आस्था के साथ करते हैं तो उनके सभी मनोकामनाए सूर्य भगवान एवं छठ मैया पूरा करते हैं |
अस्वीकरण –
इस आलेख में व्यक्त किए गए विचार विभिन्न लेखों संचार माध्यमों से लिए गए है और सभी सूचनाएँ मूल रुप से प्रस्तुत की गईं है| इस में व्यक्त किए गए विचार लेखक के निजी विचार नहीं हैं तथा इसके लिए किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है| मानवीय भूल ,टंकण भूल भी हो सकता है इसके लिए लेखक किसी भी प्रकार से उत्तरदायी नहीं है|
इंटरनल लिंक :https://knowledge-festival.blogspot.com/2022/04/ram-navmi-2022-date-hindi.html
माँ मंगला गौरी | मंदिर | पूजा
महाविद्या के महादेवियाँ
https://learn-and-fly.co.in/2024/04/03/ चैत्र नवरात्रि %e0%a4%9a%e0%a5%88%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0-%e0%a4%a8%e0%a4%b5%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a4%bf-%e0%a5%a8%e0%a5%a6%e0%a5%a8%e0%a5%aa-%e0%a4%a4%e0%a4%be%e0%a4%b0%e0%a5%80/